🕉️ शोध यात्री अनुराग शर्मा
🔱 गुरु परम्परा • साधना • ज्योतिष • शोध यात्रा
मेरी यात्रा वर्ष 1996 से साधना, ज्योतिष के अध्ययन और अपने अनुभवों को समझने की दिशा में निरंतर चलती आ रही है।
मैं गुरु-परम्परा से दीक्षित हूँ। मेरी साधना-यात्रा में विभिन्न दीक्षाओं, साधना-पद्धतियों, मन्त्र-जप, अजपा-जप, यज्ञ, पूजा और हवन का अनुभव रहा है।
मेरी यात्रा अभी पूर्ण नहीं हुई है। इसलिए मैं स्वयं को किसी अंतिम अवस्था में पहुँचा हुआ व्यक्ति नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, साधना करने और अनुभव प्राप्त करने वाला शोध यात्री मानता हूँ।
🔱 ज्योतिषीय अध्ययन एवं अनुभव
वर्षों के अध्ययन और कार्य के दौरान अब तक 48,567 से अधिक कुण्डलियों का अध्ययन किया जा चुका है।
ज्योतिष मेरे लिए केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं है। जन्म-कुण्डली, जीवन की परिस्थितियों, समय, कर्म और व्यक्ति के सामने उपस्थित समस्याओं को समझकर उचित दिशा में मार्गदर्शन देना मेरे कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
भारत के अतिरिक्त विभिन्न देशों से भी लोगों ने जीवन, आध्यात्मिकता, साधना और व्यक्तिगत परिस्थितियों से संबंधित विषयों में मार्गदर्शन के लिए संपर्क किया है।
अब तक 1,468 International लोगों से विभिन्न देशों में संपर्क और मार्गदर्शन का कार्य हुआ है, जिनमें Egypt, Nepal, India, USA, UK, Canada, Australia, Fiji सहित अन्य देश शामिल हैं।
🕉️ साधना मेरे लिए क्या है
मैं अजपा-जप और यज्ञ को साधना-जीवन का महत्वपूर्ण आधार मानता हूँ।
मेरी साधना-यात्रा में त्राटक का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है—दीपक की लौ से चन्द्र त्राटक और आगे सूर्य त्राटक तक की साधना का अनुभव इस यात्रा का एक हिस्सा रहा है।
मेरे लिए साधना केवल किसी एक दिन की पूजा अथवा किसी एक मन्त्र का उच्चारण नहीं है। साधना का अर्थ है—गुरु से जुड़ना, गुरु-वचन को स्वीकार करना, निर्धारित विधि का पालन करना, अनुशासन रखना और स्वयं साधना करके स्वयं उसके अनुभव से गुजरना।
🔱 गुरु सर्वोपरी
मेरी साधना-यात्रा का मूल भाव स्पष्ट है:
गुरु सर्वोपरी।
गुरु इच्छा सर्वोपरि।
गुरु आज्ञा सर्वोपरि।
गुरु प्रेरणा सर्वोपरि।
गुरु पूजा सर्वोपरि।
जो कुछ हूँ और जो कुछ प्राप्त हुआ है, उसे मैं गुरु आशीर्वाद मानता हूँ।
मेरे लिए गुरु के प्रति समर्पण केवल शब्द नहीं है। जब कोई व्यक्ति गुरु-परम्परा को स्वीकार करके संकल्प लेता है, तब उसे अपने अहंकार, सुविधा, सामाजिक दिखावे और व्यक्तिगत बहानों से ऊपर उठकर निर्धारित मार्ग पर चलने की तैयारी भी रखनी चाहिए।
🌺 मेरा उद्देश्य
मनुष्य को केवल समस्याओं की सूची लेकर जीवन बिताते देखना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा।
मेरा उद्देश्य यह है कि व्यक्ति अपने जीवन को अधिक पूर्णता के साथ जीने का प्रयास करे—धर्म, साधना, आत्म-अनुशासन, समृद्धि, परिवार, स्वास्थ्य-जागरूकता, सकारात्मकता और अंततः मोक्ष की दिशा में आगे बढ़े।
आने वाले समय में आयोजित होने वाले साधना शिविरों का उद्देश्य भी केवल कुछ दिन एक साथ बैठना नहीं होगा। उनका उद्देश्य व्यक्ति को अधिक अनुशासित, जागरूक और साधना के प्रति गंभीर बनाना है।
मैं चाहता हूँ कि व्यक्ति केवल दूसरों से सहायता माँगने वाला न रहे, बल्कि स्वयं ऐसा साधक बने जो अपने जीवन में प्राप्त विधि और मार्गदर्शन को समझकर स्वयं साधना करे।
🔥 अब व्यवस्था बदल चुकी है
वर्षों तक लोगों की सहायता निःशुल्क रूप से की गई।
लेकिन अनुभव ने एक बात स्पष्ट दिखाई—जब किसी व्यक्ति को कोई वस्तु, ज्ञान या मार्गदर्शन बिना किसी मूल्य के मिलता है, तो अनेक बार वह उसके महत्व को उसी गंभीरता से नहीं लेता। वर्षों पुरानी समस्याएँ लेकर लोग लंबे समय बाद फिर वापस आए और तब यह आवश्यकता महसूस हुई कि इस कार्य को अब एक व्यवस्थित, अनुशासित और उत्तरदायी व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
इसी कारण अब यह कार्य निःशुल्क सामान्य सेवा के रूप में उपलब्ध नहीं रहेगा।
जो व्यक्ति केवल मुफ़्त या सस्ती सेवा चाहता है, उसके लिए यह व्यवस्था नहीं है।
यहाँ शुल्क केवल बातचीत के लिए नहीं है। सदस्यता व्यवस्था में निर्धारित जानकारी, अध्ययन, मार्गदर्शन, विधि, अनुशासन और संबंधित सेवाओं के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था होगी।
पहले उचित मार्गदर्शन लें।
निर्धारित विधि समझें।
जो आवश्यक जानकारी और सामग्री माँगी जाए, वह उपलब्ध कराएँ।
फिर दी गई विधि को स्वयं करें।
और अपने जीवन में उसके परिणाम के लिए स्वयं साधना में उतरें।
मेरी स्पष्ट धारणा है:
“खुद साधना करो, खुद परिणाम लो।”
मैं किसी व्यक्ति की जगह उसकी साधना स्वयं नहीं कर सकता। मैं उसे उसकी परिस्थिति के अनुसार मार्गदर्शन और निर्धारित विधि दे सकता हूँ; उस विधि को अनुशासन के साथ करना साधक की अपनी जिम्मेदारी है।
🕉️ श्रद्धा के साथ जिम्मेदारी भी
मंदिरों में लम्बी कतार लगाकर अपनी समस्या का समाधान केवल देवी-देवताओं पर छोड़ देना और परिणाम न मिलने पर उसी अनुभव का दोष सनातन परम्परा या धर्म पर डाल देना उचित दृष्टिकोण नहीं है।
मेरे विचार में पहले व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि वह किस मार्ग पर चल रहा है, किस गुरु-परम्परा से जुड़ रहा है और उसे कौन-सी विधि दी जा रही है।
मार्गदर्शन लो।
विधि लो।
गुरु-परम्परा से जुड़ो।
संकल्प लो।
फिर स्वयं साधना करो।
मेरी साधना-दृष्टि में गुरु के प्रति समर्पण सर्वोपरि है। जब व्यक्ति गुरु को सर्वोपरी मानकर संकल्प लेता है, तब उसे अपने अहंकार, सामाजिक दिखावे और व्यक्तिगत सुविधाओं से ऊपर उठकर उस संकल्प के प्रति ईमानदार रहना चाहिए।
🔱 त्रिशक्ति ज्योतिष एवं साधना केन्द्र
Trishakti Astrology & Sadhana Kendra (TASK) इसी दीर्घ यात्रा को एक व्यवस्थित रूप देने का प्रयास है।
यह केवल ज्योतिषीय सेवा का स्थान नहीं है। इसका उद्देश्य ज्योतिषीय अध्ययन, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, साधना, गुरु-परम्परा, अनुशासन और आध्यात्मिक अध्ययन से जुड़े लोगों के लिए एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें व्यक्ति केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि स्वयं अभ्यास और साधना करने वाला साधक बने।
आने वाले समय में यहाँ Membership, व्यक्तिगत ज्योतिषीय अध्ययन, निर्धारित साधना-विधियाँ, विशेष पर्वों की साधना, साधना शिविर तथा अन्य संबंधित व्यवस्थाएँ क्रमशः विकसित की जाएँगी।
जो व्यक्ति गंभीरता से चलना चाहता है, उसके लिए द्वार खुला है।
जो केवल मुफ्त में समाधान चाहता है, उसके लिए यह व्यवस्था नहीं है।
गुरु सर्वोपरी।
साधना स्वयं करो।
अनुभव स्वयं लो।
परिणाम स्वयं देखो।
🔱 ज्योतिषीय कार्य एवं व्यक्तिगत अनुभव
वर्षों के ज्योतिषीय अध्ययन और व्यावहारिक कार्य के दौरान मेरे ज्योतिषीय कार्य एवं मार्गदर्शन में लगभग 80% तक की सटीकता का अनुभव रहा है।
यह अनुभव कुण्डली के अध्ययन, परिस्थितियों, समय, प्रश्नों और मेरे सामने रखी गई व्यावहारिक स्थितियों के आधार पर रहा है। यहाँ ज्योतिष को केवल भविष्य के बारे में कथन करने के बजाय अध्ययन, विश्लेषण और मार्गदर्शन की प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है।
📚 पुस्तकें एवं शोध कार्य
1. स्वप्न, खजाना और ज्योतिष का गुप्त विज्ञान
English Transliteration: Swapn, Khazana aur Jyotish ka Gupt Vigyan
यह शोध इस प्रश्न पर आधारित है कि क्या किसी कुण्डली में छिपी हुई संपत्ति, रहस्यमयी संकेत अथवा छिपे हुए खजाने के योग हो सकते हैं, तथा प्राचीन मंदिरों, सुरंगों, जमीन में दबे पात्रों और स्वप्नों के माध्यम से प्राप्त संकेतों का अध्ययन करता है।
इस पुस्तक में प्राचीन ज्योतिष, स्वप्न विज्ञान, लोककथाओं और भूमिगत रहस्यों को एक साथ लेकर भारत में छिपे खजाने के 230 संकेत प्रस्तुत किए गए हैं।
इन संकेतों में चट्टानें, मंदिरों के छिपे हुए कक्ष, पेड़ों की जड़ें और स्वप्नों से संबंधित संकेत शामिल हैं।
पुस्तक में शामिल विषय:
- धन योग, रत्न योग और भूमिगत संपत्ति योग
- ऐसे स्वप्न पैटर्न जो स्थानों की ओर संकेत कर सकते हैं
- पेड़ों से लेकर चट्टानों तक गुप्त भूमिगत भंडार से संबंधित संकेत
- 100+ उदाहरण जिनमें ग्रामीण लोगों ने स्वप्नों और संकेतों के आधार पर मूल्यवान वस्तुएँ प्राप्त कीं
- सर्प, शंख, त्रिशूल, पदचिह्न और प्रकाश जैसे स्वप्न संकेत
- बरगद, पीपल और नीम जैसे वृक्ष
- भूमिगत जल, जमीन का धँसना और विशेष पत्थर
- ज्योतिष, तंत्र और गूढ़ परम्पराओं से लिए गए 230 दुर्लभ सूत्र
विशेषताएँ:
- भारत और अन्य देशों से संकलित 230 संकेत
- प्रत्येक संकेत को 10-बिंदु शोध प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है: कहानी, स्थान, दृश्य संकेत, लोककथा, वास्तविक संकेत, ग्रामीण अनुभव, सावधानियाँ, ऐतिहासिक जानकारी, बोनस और स्थान सूची
- शोध-आधारित प्रस्तुति, जिसे भय और अंधविश्वास से मुक्त रखने का प्रयास किया गया है
- उदाहरणों के साथ सरल भाषा
- इतिहास, संस्कृति और विज्ञान के बीच संतुलन
किन लोगों के लिए: ज्योतिष और स्वप्न में रुचि रखने वाले लोग, खजाना शोध में रुचि रखने वाले लोग, ग्रामीण एवं पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोग, शोधकर्ता, किसी विशेष स्थान से संबंधित बार-बार स्वप्न देखने वाले लोग तथा यह जानना चाहने वाले लोग कि क्या कुण्डली में भूमिगत संपत्ति के योग हो सकते हैं।
254 पृष्ठ • PDF उपलब्ध • हिन्दी एवं अंग्रेज़ी उपलब्ध
Book Purchase: https://shreeanurag.gumroad.com/
2. खजाने का अति गुप्त विज्ञान: जानिए भूमि पर मिलने वाले 108 रहस्यमयी संकेत
English: The Highly Secret Science of Treasure: Learn About 108 Mysterious Land-Based Clues
यह पाँच भागों में प्रकाशित शोध श्रृंखला है। पूरी श्रृंखला में 470+ संकेत शामिल हैं।
प्रत्येक पुस्तक में अलग-अलग संख्या में संकेत हैं और पूरी श्रृंखला में पेड़, पत्थर, मिट्टी, गड्ढे, सुरंगें, चेतावनियाँ, छिपे हुए द्वार तथा प्रकृति और भूमि पर मिलने वाले अन्य रहस्यमयी संकेतों पर ध्यान दिया गया है।
इन पुस्तकों का उद्देश्य पुरातत्वविदों, खजाना खोजने वालों और ऐसे लोगों के लिए है जो किसी खोज पर जाने से पहले इन संकेतों को उचित रूप से समझना चाहते हैं।
उद्देश्य यह है कि खोज पर जाने से पहले प्रकृति और भूमि के संकेतों को समझा जाए, न कि संकेतों को समझे बिना केवल कहानियों के पीछे अपना जीवन लगा दिया जाए।
हिन्दी PDF • प्रत्येक पुस्तक लगभग 500 पृष्ठ • 5 भागों की श्रृंखला • कुल 470+ संकेत
📖 पुस्तक सूची
- स्वप्न, खजाना और ज्योतिष का गुप्त विज्ञान
- खजाने का अति गुप्त विज्ञान — Part 1 — 108 रहस्यमयी संकेत
- खजाने का अति गुप्त विज्ञान — Part 2
- खजाने का अति गुप्त विज्ञान — Part 3
- खजाने का अति गुप्त विज्ञान — Part 4
- खजाने का अति गुप्त विज्ञान — Final Part / Part 5
पुस्तकें Gumroad और Triansh.com के माध्यम से उपलब्ध हैं।
https://shreeanurag.gumroad.com/
Gumroad Discount Code: NIDHI50
🕉️ एक आध्यात्मिक आश्रय
🕉️ एक आध्यात्मिक आश्रय • A Spiritual Sanctuary
If you're feeling broken, tired, or lost — come silently. This is your safe place.
यह प्रवेश द्वार ऐसा है जहाँ आँसू, थकान और टूटन को पूजा में बदल दिया जाता है।
यह कोई साधारण समूह नहीं — यह तुम्हारी आत्मा की घर वापसी है।
यहाँ हर साधक–साधिका को शिव की गोद, महाकाली की दृष्टि और आत्मा का आलिंगन मिलेगा।
“आ जा... अब और कुछ मत सोच — बस थककर गिर जा इस द्वार पर।
यहाँ कोई तुझसे सवाल नहीं करेगा, कोई तेरी टूटन नहीं गिनेगा।
तू रो सकती है — तेरे आँसू ब्रह्मांड का जलाभिषेक होंगे।
तू कांप सकती है — तेरी काँपती साँसों में महाकाल का कंपन समा जाएगा।
और जब तू चुप हो जाएगी — तब कोई तुझे धीरे से उठाकर तेरी आत्मा को शिव-शिवा की गोद में रख देगा।
फिर जो अनुभव होगा — वो शब्द नहीं — वो मुक्ति का आलिंगन होगा।”
— यह ब्रह्मांडीय साधना द्वार है — तेरा अंतिम ठिकाना! 🔱
🔥 साधना एवं यज्ञ शिविर
शिविर की अवधि 3, 7, 11, 21, 30, 60, 120, 180 और 365 दिन होगी।
सभी शिविरों के लिए शिविर प्रारम्भ होने से 1 दिन पहले आना अनिवार्य होगा। शिविर के समापन वाले दिन के अगले दिन आप प्रस्थान कर सकते हैं।
🔱 शिविर का नियम
कोई भी बीच में rule नहीं तोड़ सकता।
यदि कोई व्यक्ति 21 दिन के शिविर में भाग लेना चाहता है, तो पहले 3 दिन के शिविर में उचित रूप से भाग लेना अनिवार्य है। उसके बाद क्रम से निमंत्रण के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
कोई भी चरण छोड़ा नहीं जा सकता।
🔥 शिविर का जीवन
हर चीज़ आपको घर पर नहीं मिलेगी।
आपको घर छोड़ना होगा, आकाश के नीचे आना होगा, यज्ञ करना होगा।
Membership, Sub Plan 1 और Sub Plan 2 के बाद Rules और Terms लागू होंगे।
आध्यात्म वीरों का क्षेत्र है।
यह इतना आसान नहीं होता।
आपकी negative energy आपको 50 प्रकार के भय दिखाएगी।
तब समझ लेना कि ये camp क्यों आपके लिए जरूरी होंगे।
लोग घर से निकलते हैं।
आधे रास्ते से लौटते हैं।
कुछ को gate से return होते देखा है मैंने।
🔱 आगे की यात्रा
इन शिविरों का उद्देश्य व्यवस्थित सहभागिता, अभ्यास, यज्ञ, अनुशासन और निरंतर साधना के माध्यम से साधक को अधिक परिष्कृत और अनुशासित करना है तथा पूर्ण भोग, पूर्ण मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ना है।
यह यात्रा केवल जानकारी एकत्र करने की नहीं है। यह निर्धारित मार्ग को समझने, अनुशासन स्वीकार करने, स्वयं अभ्यास करने और स्वयं इस यात्रा के अनुभव से गुजरने की प्रक्रिया है।
🔱 त्रिशक्ति ज्योतिष एवं साधना केन्द्र (TASK)
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